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हंसते हंसते

Posted On: 9 Jun, 2011 में

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न बन नासमझ कि समझ न पाऊं तुझे
इस नासमझी का दर्द भी न दे मुझे
दे-दे बस खुशी के कुछ पुराने लम्हे
जी लूंगा उनके संग हंसते-हंसते

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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

SIDDHARTH KIRAN के द्वारा
May 8, 2013

very good laughing jone .

drvandnasharma के द्वारा
March 5, 2013

बहुत सुंदर भाव

drvandnasharma के द्वारा
February 13, 2013

बहुत खूब , दिल को गयी ये पंक्तयां

yamunapathak के द्वारा
July 15, 2012

इस ब्लॉग का ताग लाइन ज़िंदगी “सबसे जुडी ………… अब समझ में आ रहा है जब आपके कई ब्लॉग में से यह अति लघु ब्लॉग पर आयी.बहुत सुन्दर पंक्ति है. शुक्रिया

    yamunapathak के द्वारा
    July 15, 2012

    सर कृपया ताग को tag पढ़िए.

arun sathi के द्वारा
October 18, 2011

सुन्दर अभिव्यक्ति,भावपूर्ण.

नवीन कुमार पाठक के द्वारा
June 16, 2011

यहाँ से गंभीर चिंतन की प्रक्रिया शुरू होती है, बहुत बढ़िया फेसबुक पे डालते तो जादा लोग पढ़ पाते

    nitu के द्वारा
    June 18, 2011

    ya this line is so good it is real

prakhar के द्वारा
June 16, 2011

this one is real good…..says everything in 4 lines !!!


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